बिहार हाई स्कूल लाइब्रेरियन बहाली 2026: शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन, 2008 के बाद नहीं हुई नियुक्ति

बिहार में हाई स्कूल लाइब्रेरियन बहाली की मांग तेज, शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

बिहार में हाई स्कूल लाइब्रेरियन बहाली की मांग तेज, शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

पटना। बिहार में हाई स्कूलों में वर्षों से खाली पड़े लाइब्रेरियन के पदों पर बहाली की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार (या वर्तमान शिक्षा मंत्री, यदि पद में बदलाव हुआ हो) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2008 के बाद से राज्य के हाई स्कूलों में नियमित लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण हजारों विद्यालय प्रशिक्षित पुस्तकालयाध्यक्षों से वंचित हैं।

 है पूरा मामला?

बुधवार को बिहार ट्रेंड लाइब्रेरियन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विकास चंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत प्रत्येक विद्यालय में पुस्तकालय और प्रशिक्षित लाइब्रेरियन की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन बिहार में पिछले लगभग 18 वर्षों से इस दिशा में कोई नई नियुक्ति नहीं हुई।

ज्ञापन में सरकार से मांग की गई कि हाई स्कूलों में रिक्त लाइब्रेरियन पदों पर जल्द भर्ती निकाली जाए।

2008 के बाद नहीं हुई नियमित नियुक्ति

एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2008 के बाद राज्य सरकार ने हाई स्कूल लाइब्रेरियन के पदों पर नियमित बहाली नहीं की। इससे राज्य के हजारों प्रशिक्षित BLIS और MLIS डिग्रीधारी अभ्यर्थी रोजगार का इंतजार कर रहे हैं।

छात्रों पर भी पड़ रहा असर

विद्यालयों में लाइब्रेरियन नहीं होने के कारण पुस्तकालयों का समुचित संचालन नहीं हो पा रहा है। इससे विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत, शोध क्षमता और पुस्तकालय संस्कृति प्रभावित हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल शिक्षा के दौर में भी पुस्तकालय का महत्व कम नहीं हुआ है। प्रशिक्षित लाइब्रेरियन विद्यार्थियों को सही अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एसोसिएशन ने क्या कहा?

प्रदेश अध्यक्ष विकास चंद्र सिंह ने कहा कि यदि सरकार जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू करती है तो:

  • हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।
  • विद्यालयों में पुस्तकालय व्यवस्था मजबूत होगी।
  • नई शिक्षा नीति को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
  • विद्यार्थियों की अध्ययन गुणवत्ता में सुधार होगा।

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे?

शिक्षा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेश कुमार, पटना जिला अध्यक्ष हर्षित राज, प्रदेश मीडिया प्रभारी माधव पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।

अभ्यर्थियों की सरकार से मांग

अभ्यर्थियों ने सरकार से निम्नलिखित मांगें रखीं—

  • हाई स्कूल लाइब्रेरियन के रिक्त पदों की गणना की जाए।
  • जल्द नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
  • पारदर्शी एवं मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया अपनाई जाए।
  • योग्य BLIS एवं MLIS अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाए।

क्या जल्द आ सकती है बहाली?

फिलहाल सरकार की ओर से नई भर्ती की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अभ्यर्थियों में उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में लाइब्रेरियन भर्ती को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है।

जब तक संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक किसी भी संभावित भर्ती की तारीख या पदों की संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती।

निष्कर्ष

बिहार में हाई स्कूल लाइब्रेरियन बहाली का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। वर्ष 2008 के बाद नियमित नियुक्ति नहीं होने के कारण हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थी रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यदि बहाली प्रक्रिया शुरू होती है तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि विद्यालयों की पुस्तकालय व्यवस्था भी मजबूत होगी।

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