देवघर श्रावणी मेला 2026: आज की बड़ी अपडेट | बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, AI निगरानी और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
श्रावण मास शुरू होने के साथ ही झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 पूरे उत्साह के साथ जारी है। इस वर्ष प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई नई व्यवस्थाएँ लागू की हैं। मेले का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है।
आज की प्रमुख अपडेट
1. लाखों श्रद्धालु पहुँचे बाबा धाम
देश के विभिन्न राज्यों से कांवड़िए और शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुँच रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष कंट्रोल रूम और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं।
2. AI तकनीक और ड्रोन से निगरानी
इस बार श्रावणी मेले में पहली बार बड़े स्तर पर AI आधारित कैमरे और ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। भीड़ की निगरानी, ट्रैफिक नियंत्रण और आपात स्थिति पर तुरंत कार्रवाई के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। लगभग 11,500 पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
3. VIP दर्शन पर सख्ती
प्रशासन ने व्यवस्था को निष्पक्ष बनाने के लिए आउट-ऑफ-टर्न, VIP और VVIP दर्शन पर सख्ती की है। श्रद्धालुओं को निर्धारित कतार व्यवस्था के अनुसार दर्शन कराए जा रहे हैं।
4. भोजन की दरें तय
श्रद्धालुओं से अधिक कीमत वसूलने से रोकने के लिए प्रशासन ने भोजन की दरें निर्धारित कर दी हैं। उदाहरण के तौर पर ₹90 की स्पेशल थाली और ₹180 की मटर पनीर थाली जैसी निर्धारित दरें लागू की गई हैं।
5. रेलवे की विशेष व्यवस्था
श्रावणी मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 12 विशेष ट्रेनें चलाने और कई स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव की घोषणा की है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा आसान हो सके।
श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की अपील
- केवल निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें।
- प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- भीड़ वाले क्षेत्रों में धैर्य रखें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
- स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मेडिकल कैंप का उपयोग करें।
निष्कर्ष
श्रावणी मेला 2026 में इस बार तकनीक, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। AI निगरानी, ड्रोन, विशेष ट्रेनें, निर्धारित भोजन दरें और सख्त भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएँ मेले को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
